माँ
घुटनों से रेंगते रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाव में,
जाने कब मैं बड़ा हुआ ll
काला टीका दूध मलाई,
आज भी सब कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
प्यार ये तेरा कैसा है ll
सीधा साधा भोला भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा, "माँ" !
मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ!!!
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